धर्म हमारे महान भारत देश का प्राणभूत तत्व रहा है और इसीलिए भारत के
शत्रुओं ने बार बार हिन्दू धर्म पर प्रहार किया है और इसी कड़ी कुछ लोग यह
हास्यास्पद बात कह रहे हैं की भारत में पुराने समय में गौ-मांस खाया जाता
था और वो महाभारत के राजा रान्तिदेव को गौ हत्या करने वाला सिद्ध करने का
मुर्खतापूर्ण परन्तु कुटिल प्रयत्न करते हैं |सबसे पहले तो देखे की महाभारत
की रचना किसने की और इसे किसने लिखा था |महाभारत के श्लोक वेदव्यास रचित
हैं और उन्हें श्री गणेश ने स्वयं लिपिबद्ध किया है | लेखन कार्य प्रारंभ
होने से पहले श्री गणेश के यह शर्त रखी थी की मेरी लेखनी रुकनी नहीं चाहिए
और वेदव्यास ने शर्त राखी थी की आप बिना समझे हुए कुछ नहीं लिखेंगे और इसके
बाद व्यास जी ने जटिल और गूढ़ शब्दों का प्रयोग किया था |महाभारत के
सम्बन्ध में स्वयं भगवन श्रीकृष्ण कहते हैं की "इसमें ८८८० श्लोक हैं जिनका
अर्थ मैं जनता हूँ , सूत जी जानते हैं और संजय जानते हैं या नहीं ये मैं
नहीं जनता .."| अब आप स्वयं ही सोचये की जिनके अर्थ को संजय जानते हाँ या
नहीं इसमें संशय है वो क्या इतने सीधे होंगे की उनकी गूढता और प्रसंग का
विचार किये बिना केवल शाब्दिक अर्थ (वो भी व्याकरण को छोड़कर) ले लिया जाय
?
अब देखते हैं महाभारत के वनपर्व के वो श्लोक जिसके आधार पर राजा रंतिदेव को गोहयता करने वाला कहा जाता है -
अब देखते हैं महाभारत के वनपर्व के वो श्लोक जिसके आधार पर राजा रंतिदेव को गोहयता करने वाला कहा जाता है -
