मित्रों
इस्लामिक आतंकवाद आज फिर से एक नए रूप और रणनीति के साथ आया है | हमें पता है आज फेसबुक और ब्लॉग विचारों के प्रवाह का एक शाशाक्त माध्यम बन गया है और इसके द्वारा राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार प्रसार भी होरहा है और परन्तु इन्ही का परायों इस्लामिक आतंकवाद के नए रूप "इंटरनेट जेहाद के लिए भी किया जा रहा है "
इस्लामिक आतंकवाद आज फिर से एक नए रूप और रणनीति के साथ आया है | हमें पता है आज फेसबुक और ब्लॉग विचारों के प्रवाह का एक शाशाक्त माध्यम बन गया है और इसके द्वारा राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार प्रसार भी होरहा है और परन्तु इन्ही का परायों इस्लामिक आतंकवाद के नए रूप "इंटरनेट जेहाद के लिए भी किया जा रहा है "
फेसबुकतथा ब्लॉगर में कई नकली प्रोफाइल हैं जो की भारतीय नामो तथा भारतीय विवरणों से हैं परन्तु संचालित पाकिस्तान के कराची से होती अहिं जिससे पता चलता है की ये या तो पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था या किसी अतिवादी इस्लामिक संगठन का अभियान है |इन नकली प्रोफिलों की संख्या हजारों में है परन्तु हमने कुछ प्रोफाइलों के गतिविधियों का निजी रूप से विश्लेषण किया है जो एन कें प्रकार समस्त राष्ट्रवादियों को अंतर्जाल से बहार निकल कर इस्लामिक आतंकवाद का परचम लहराना चाहती हैं | मैं उनके बारे में आपको बताता हूँ |
प्रोफाइल अशोक पटेल स्वयं के अमेरिका में बसे हुएभारतीय मूल के हिन्दू होने का दावा करती हैं | ये स्वयं को सच्चा हिन्दू बताते हुए भी हिन्दू संतो और हिन्दू देवी देवताओं के प्रति अपमान जनक भाषा का प्रयोग करते हैं तथा उन्हें आतंकवादी बताते हैं | ये हिन्दू युवाओं को भड़का कर उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए कहते हैं |यह भी केवल विचारधाराओं का अंतर नहीं है क्यूँ की ये दोनों प्रोफाईलें २४ घंटे आन लाइन रहती हाँ और इसके गहरे निहितार्थ हैं |
इन सभी की रणनीति अधिक से अधिक मित्र बना कर ज्यादा से ज्यादा राष्ट्रवादियों के बारे में सूचनाएँ जुटाना और फिर उनके विरुद्ध विषवमन करके उनकी छवी को ख़राब करके राष्ट्रवादी कार्यों को रोकना ही है |
अब ब्लॉगर पर |यहाँ एक असली प्रोफाइल है "स्वच्छ सन्देश हिंदुस्तान की आवाज " के लेखक तथा पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था के वेतन भोगी सलीम खान की जो की कई सारी नकली प्रोफाइलों की सहायता से भारतीयता तथा हिंदुत्व का अपमान करते हैं | इनके एक हिंसा फैला कर भारतीय समाज में जेहाद प्रारभ करने के एक कृत्य को तो लोगों के द्वारा पकड़ा भी जा चुका है|इनकी सहायता के लिए जो नकली प्रोफाइल हैं उनमे से प्रमुख Tausif हिन्दुस्तानी , अल्लाहुअकबर,Ultra ,Servant of Allah ,भारतीय नागरिक - Indian सिटिज़न ,खुर्शीद ,Dr. Ayaz Ahmad , तथा कई और भी नकली तथा बेनामी प्रोफाईलें हैं |
IP पते की सहायता से यह सिद्ध हो चूका है ये कराची से संचालित है |अतः यह स्वयं सिद्ध हो जाता है की ये नकली है तथा ISI के भारत विरोधी योजना का हिस्सा है |और ये केवल कुछ उदहारण हैं असली संख्या आपकी कल्पना से कहीं ज्यादा है |
आप सभी भारत भक्तों से अनुरोध है की यदि आप भारत से कुछ भी प्रेम करते हैं तो इस ID को बंद करवाने में हमें सहयोग करें तथा इसके अधि से अधिक मित्रों के इसके बारे में सूचित करें | आप फेसबुक पर रिपोर्टकरके तथा गूगल पर रिपोर्ट करके इनको बंद करवाने में सहायता कर सकती हैं | इसके अतिरिक्त आप फेसबुक तथा गूगल पर इनके संपर्क के लोगों कह कर इनके संपर्कों की संख्या को न्यून कर सकते हैं तथा उस स्थिति तक पंहुचा सकते हैं की ये सभी जेहादी तथा नकली प्रोफैलें केवल इन नकली प्रोफाइलों के ही संपर्क में रह जाएँ | इसके अतिरिक्त आप इस लेख को अंतरजाल के अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाएं और अगर इसी तरह की कुछ और भी ID हों तो उसके बारे में सभी को सूचित करें |
और हाँ अगर आप इन सब मामलों में नहीं पड़ना चाहते हैं तो ध्यान रखें ''आप इस जेहाद की उपेक्षा कर सकते हैं पर ये जेहाद आपकी उपेक्षा कभी नहीं करेगा"| अतः आपसे निवेदन है आप भी इससे संघर्ष करें |
हो सकता है कुछ लोग हमसे अंतरजाल के अन्दर शांती की दुहाई दें या कुछ लोग ये सोचें की हमला अभी हम पर नहीं हुआ है हम क्यूँ बोले तो इतिहास आपसे इन सभी बातों का जवाब मांगेगा जब अंतर्जाल से सभी राष्ट्रवादी भगा दिए जायेंगे और आप अकेले रह जायेंगे इन जेहादियों के बीच | लोग आपसे पूछेंगे की जब ये जेहादी राष्ट्रवादियों को चुन चुन कर मर रहे थे तब आप आपने मित्रों की संख्या तथा या टिप्पड़ीयों के लोभ में मूक दर्शक क्यूँ बने रहे ?क्यूँ नहीं किया आपने प्रतिकार जब कराची के दफ्तर की फाइलों से जेहादी टिड्डी दल की तरह निकल कर हमले कर रहे थे ? जब भारत माता का मान मर्दन हो रहा था तो आप श्रृंगार रस की कविताओं के रस और हास्य चित्रों के परिहास में क्यूँ डूबे हुए थे ? क्या चित्र पहेलियों को सुलझाना आपके लिए राष्ट्रभक्ती से ज्यादा महत्वपूर्ण था ??आप ने इस युद्ध में विजय के बाद के हर्षपूर्ण शांती के जगह पराजय के बाद राष्ट्रवादी आकांक्षाओं की लाशों पर स्थापित शांती को क्यूँ चुना ?
या तो आप इनके लिए कोई उत्तर धून लीजिये या हमारा साथ दीजिये |यह एक ऐसा संघर्ष जिसमे आप निरपेक्ष रह ही नहीं सकते हैं |
समर शेष है नहीं पाप का भागी भागी केवल व्याध
जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध