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शुक्रवार, 22 अक्तूबर 2010

इस्लामिक आतंकवाद का नया चेहरा :"INTERNET जेहाद "

मित्रों
इस्लामिक आतंकवाद आज फिर से एक नए रूप और रणनीति के साथ आया है | हमें पता है आज फेसबुक और ब्लॉग विचारों के प्रवाह का एक शाशाक्त माध्यम बन गया है और इसके द्वारा राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार प्रसार भी होरहा है और परन्तु इन्ही का परायों इस्लामिक आतंकवाद के नए रूप "इंटरनेट जेहाद के लिए भी किया जा रहा है "

  फेसबुकतथा ब्लॉगर में कई नकली प्रोफाइल हैं जो की भारतीय नामो  तथा भारतीय विवरणों से हैं परन्तु संचालित पाकिस्तान के कराची से होती अहिं जिससे पता चलता है की ये या तो पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था या किसी अतिवादी इस्लामिक संगठन का अभियान है |इन नकली प्रोफिलों की संख्या हजारों में है परन्तु हमने कुछ प्रोफाइलों  के गतिविधियों का निजी रूप से विश्लेषण किया है जो एन कें प्रकार समस्त राष्ट्रवादियों को अंतर्जाल से बहार निकल कर इस्लामिक आतंकवाद का परचम लहराना चाहती हैं | मैं उनके बारे में आपको बताता हूँ |

 प्रोफाइल अशोक पटेल स्वयं के अमेरिका में बसे हुएभारतीय मूल के हिन्दू  होने का दावा करती हैं | ये स्वयं को सच्चा हिन्दू बताते हुए भी हिन्दू संतो और हिन्दू देवी देवताओं के प्रति अपमान जनक भाषा का प्रयोग करते हैं तथा उन्हें आतंकवादी बताते हैं | ये हिन्दू युवाओं को भड़का कर उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए कहते हैं |यह भी केवल विचारधाराओं का अंतर नहीं है क्यूँ की ये दोनों प्रोफाईलें २४ घंटे आन लाइन रहती हाँ  और इसके गहरे निहितार्थ  हैं |

इन सभी की  रणनीति अधिक से अधिक मित्र बना कर ज्यादा से ज्यादा राष्ट्रवादियों के बारे में सूचनाएँ जुटाना और फिर उनके विरुद्ध विषवमन करके उनकी छवी को ख़राब करके राष्ट्रवादी कार्यों को रोकना ही है |

अब ब्लॉगर पर |यहाँ एक असली प्रोफाइल है "स्वच्छ सन्देश हिंदुस्तान की आवाज " के लेखक तथा पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था के वेतन भोगी सलीम खान की जो की कई सारी नकली प्रोफाइलों  की सहायता से भारतीयता  तथा  हिंदुत्व का अपमान करते हैं | इनके  एक हिंसा फैला कर भारतीय  समाज में जेहाद प्रारभ करने के एक कृत्य को तो लोगों के द्वारा पकड़ा भी जा चुका है|इनकी सहायता के लिए  जो नकली प्रोफाइल हैं उनमे से  प्रमुख Tausif हिन्दुस्तानी , अल्लाहुअकबर,Ultra ,Servant of Allah  ,भारतीय नागरिक - Indian सिटिज़न ,खुर्शीद ,Dr. Ayaz Ahmad  ,    तथा  कई और भी नकली तथा बेनामी प्रोफाईलें  हैं |

IP पते की सहायता से यह सिद्ध हो चूका है ये कराची से संचालित है |अतः यह स्वयं सिद्ध हो जाता है की ये नकली है तथा ISI के भारत विरोधी योजना का हिस्सा है |और ये केवल कुछ उदहारण हैं असली संख्या आपकी कल्पना से कहीं ज्यादा है |


आप सभी भारत भक्तों से अनुरोध है की यदि  आप भारत से कुछ भी प्रेम करते हैं तो इस ID को बंद करवाने में हमें सहयोग करें तथा इसके अधि से अधिक  मित्रों के इसके बारे में सूचित करें | आप फेसबुक पर रिपोर्टकरके तथा गूगल पर रिपोर्ट करके इनको बंद करवाने में सहायता कर सकती हैं | इसके अतिरिक्त आप फेसबुक तथा गूगल पर इनके संपर्क के लोगों कह कर इनके संपर्कों की संख्या को न्यून कर सकते हैं तथा उस स्थिति तक पंहुचा सकते हैं की ये सभी जेहादी तथा नकली प्रोफैलें केवल इन नकली प्रोफाइलों  के ही संपर्क में रह जाएँ | इसके अतिरिक्त आप इस लेख को अंतरजाल के अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाएं  और अगर इसी तरह की कुछ और भी ID हों तो उसके बारे में सभी को सूचित करें |



और हाँ अगर आप इन सब मामलों में नहीं पड़ना चाहते हैं तो ध्यान रखें ''आप इस जेहाद की उपेक्षा कर सकते हैं पर ये जेहाद आपकी उपेक्षा कभी नहीं करेगा"| अतः आपसे निवेदन है आप भी इससे संघर्ष करें |

हो सकता है कुछ लोग हमसे अंतरजाल के अन्दर शांती की दुहाई दें या कुछ लोग ये सोचें की हमला अभी हम पर नहीं हुआ है हम क्यूँ बोले तो इतिहास आपसे इन सभी बातों का जवाब मांगेगा जब अंतर्जाल से सभी राष्ट्रवादी भगा दिए जायेंगे और आप अकेले रह जायेंगे इन जेहादियों के बीच | लोग आपसे पूछेंगे की जब ये जेहादी राष्ट्रवादियों को चुन चुन कर मर  रहे थे तब आप आपने मित्रों की संख्या तथा या टिप्पड़ीयों  के लोभ  में मूक दर्शक क्यूँ बने रहे ?क्यूँ नहीं किया आपने प्रतिकार जब कराची के दफ्तर की फाइलों से जेहादी टिड्डी दल की तरह निकल कर हमले कर रहे थे ? जब भारत माता का मान मर्दन हो रहा था तो आप श्रृंगार रस की कविताओं के रस और हास्य चित्रों के परिहास में क्यूँ डूबे हुए थे ? क्या चित्र पहेलियों को सुलझाना आपके लिए राष्ट्रभक्ती से ज्यादा महत्वपूर्ण था ??आप ने इस युद्ध में विजय के बाद के हर्षपूर्ण  शांती के जगह पराजय के बाद राष्ट्रवादी आकांक्षाओं की लाशों पर स्थापित शांती को क्यूँ चुना ?

या तो आप इनके लिए कोई उत्तर धून लीजिये या हमारा साथ दीजिये |यह एक ऐसा संघर्ष जिसमे आप निरपेक्ष रह ही नहीं सकते हैं |

समर शेष है नहीं पाप का भागी  भागी  केवल व्याध
जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध 

15 टिप्‍पणियां:

  1. संघर्ष में हम आप के साथ है

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  2. meri email id hai
    mattum15@gmail.com, abhishekmishra1502@gmail.com
    वैसे मैं mattum15@gmail.com ज्यादा प्रयोग करता हू .अतः आप उस पर ईमेल करे .

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  3. Welll ..Ankit you are right. I also feel like this. By the way you are a true (Hindu)stanni.
    I'm proud of you.

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  4. par ek salah hai bhai, aap is mudde ko khud ko sampradayik ya fasiwadi nahi kahkar, ek rashtrawadi ke nate uthaye

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  5. 8/10

    राष्ट्रहित में एक जरूरी पोस्ट
    अत्यधिक हैरत है .... दुःख भी
    इस कदर महत्वपूर्ण मसले पर सारे बुद्धिजीवी
    खामोशी अख्तियार किये हुए हैं.
    बेकार से मुद्दों पर इन सबकी उछल-कूद देखते ही बनती है.
    चाँद..तारे..नदी..ख्वाब..दिल...आंसू पर
    वाह..वाह करते नहीं थकते.
    शायद बुद्धिजीवी की यही पहचान है.
    लानत है ...........................

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  6. हम भी आपके साथ हैं। अच्छा किया हमे इस बारे मे बता कर। धन्यवाद।

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  7. समर्थन के लिए धन्यवाद
    कृपया इसमें वर्णित सभी उपायों को अभी अपनाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को इस पोस्ट को पढवाने में सहायता करें |
    यदि आपको कुछ और भी इसी तरह की घटनाएँ पता हों तो हमें उस बारे में सूचित करें |

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  8. देशभक्तों से विनती है की वे निम्नलिखित देशद्रोहियों और इस्लामी आतंकवादियों के समर्थकों के बारे में अधिक से अधिक लोगो को बताएँ-
    इस्लाम के दलाल शाहनवाज ने मधुर संदेश नाम से एक ब्लोग शुरु किया है. महक और गिरी जेसे सेकुलर इनके साथ है. इनका उदेश्य हिन्दुओं को बरगलाना है. इनका उदेश्य हिन्दुओं को बरगलाना है. सभी देशप्रेमियों से अपील है की इनका भांडा फोड़ते रहो-

    इस्लाम के दलाल
    १. मुहम्मद उम्र कैरान्वी
    २. सलीम खान
    ३. अनवर जमाल
    ४. असलम कासमी
    ५. जिशान जैदी
    ६. अयाज अहमद
    ६ .सफत आलम
    ७. शाहनवाज
    बाकियों को भी सभी जानते हैं.
    प्रमाण
    इनके बाप ईसाइयों ने ११ सितम्बर को इनके अल्लाह की किताब कुरान जलाने की घोषणा की है.
    अमेरिका ने सऊदी अरब को मोती रकम देकर कुरान जलाने का विरोध न करने का "आदेश" दिया है. अपने बाप के आदेश पर आतंकवाद के सरगना सऊदी अरब ने अपने चमचों आतंकवादियों से चुप बैठने को कह दिया है.
    चुप बैठने वाले आतंकवादियों को भी उनका हिस्सा मिलेगा. इसलिए उपरोक्त "इस्लाम के दलाल" चुप बैठे हैं. भारत में तो कुरान के नाम पर हिन्दुओं का खून पीने को तैयार रहते हैं. अब क्या हुआ?????????

    इस्लाम के दलालों के संगठन का नाम "impact " यानी "indian muslim progressive activist "है. यह दल "indian mujaahidin "से संबधित है .कैरानावी और सलीम खान इसके local सरगना हैं .बाक़ी सब सदस्य हैं, जिनमें असलम कासमी, अनवर जमाल, अयाज अहमद, एजाज अहमद, जीशान जैदी आदि शामिल हैं. इस्लाम के दलालों के ग्रुप में बुरकेवालियां भी हैं .इनका मुख्य काम दुश्मनों को सूचना देना है. कैरानवी का गिरोह धर्मं परिवर्तन कराना, आतंकवादियों को और घुसपैठ करने वालों को पनाह देना है और उनका सहयोग करना है. blogging तो इनका बाहरी रूप है. ब्लोगिंग के माध्यम से ये लोग अपनी जेहादी मानसिकता के लोग तलाश रहे हैं.

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  9. No Entry to Mecca for Non-Muslims -----WHY WHEN GOD IS ONE ..."Non-Muslim Bypass:" Non-Muslims are not permitted to enter Mecca. Non-Muslims are not permitted to enter Mecca under Saudi law.... Individuals who use fake certificates of Muslim identity to... enter may be arrested and prosecuted by Saudi authorities.

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  10. अंकित मैं आपसे सहमत हूँ .
    मुझे भी यही लगता है .
    दोस्त ...बहुत अच्छा काम कर रहे हो .
    लगे रहो.

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  11. जनाब अंकित मेरी फोट भी साथ में है और पता भी तब भी तुम जैसे अनाप शनाप बकने वाले की कोई कमी नहीं है बकते रहो

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आप जैसे चाहें विचार रख सकते हैं बस गालियाँ नहीं शालीनता से